शनिवार, 21 नवंबर 2015

छत्तीसगढ़ के गडकरी

tarkash photo

 

22 नवंबर
संजय दीक्षित
कांग्रेस के एक हाईप्रोफाइल नेता के चिरंजीव एवं युवा विधायक ने मोटापे से छुटकारा पाने के लिए आपरेशन करा लिया है। इसी महीने उनका मुंबई में आपरेशन हुआ। बिल्कुल बीजेपी के नीतिन गडकरी टाईप। आपरेशन के बाद वे अभी रायपुर के बंगले में लिक्विड डाईट पर चल रहे हैं। लोगों से मिलने-जुलने की अभी मनाही है। उन्हें पूर्णताः स्वस्थ्य होने में अभी 15 से 20 दिन लगेंगें। सो, स्वास्थ्य लाभ के बाद जब वे बाहर आएंगे तो उन्हें स्लिम और स्मार्ट देखकर चैंकिएगा मत। दरअसल, युवा नेता कांग्रेस की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने के लिए अपने आपको तैयार कर रहे हैं। इसलिए, फिट रखना जरूरी भी था। और, फिर खुद को चुस्त रखना गलत कहां है।

रायपुर माडल

रायपुर माडल एडाप्ट कर बीजेपी ने बिरगांव जीत लिया। रायपुर माडल बोले तो तुम हमें जीताओ, हम तुम्हें। आप देख ही रहे हैं, रायपुर में कुछ साल से ऐसा ही चल रहा है। तुम पार्षद बन जाओ…..महापौर बन जाओ। मगर हमें विधायक बनवा दो। बिरगांव में भी ऐसा ही हुआ। कांग्रेस नेता इस खेल को समझ नहीं पाए। हवा का रुख देखकर वे निश्चिंत थे। और, सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने अपना करिश्मा दिखा दिया। लिहाजा, कांग्रेस के 21 पार्षद जीत गए और बीजेपी का मेयर। फायदे में दोनों रहे। दर्जन भर से अधिक कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशियों का घर से एक ढेला खर्च नहीं हुआ। और, कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी को जीतने का अवसर मिल गया। वरना, नए-नवेले नगर निगम में पूरी ताकत झोंककर बीजेपी ने बिहार जैसे रिस्क ले लिया था।

प्रमोशन के साथ बिदाई

संस्कृति विभाग के वेबसाइट घोटाले में जिस रिटायर आईएएस की गर्दन फंस रही है, उसे सरकार ने प्रमोशन के साथ इस जुलाई में भावभिनी बिदाई दी। हम आरसी सिनहा की बात कर रहे हैं। 81 बैच के सीनियर के सिकरेट्री कल्चर रहने के दौरान ही वेबसाइट कांड हुआ। वेबसाइट का जो काम दो-चार लाख में होना था, उसे उन्होंने 90 लाख में उन्होंने कराया। चिप्स की कड़ी आपत्ति के बाद भी। चिप्स ने लेटर लिखकर कहा था, प्रायवेट पार्टी सरकारी वेबसाइट को हैंडिल नहीं कर सकती। बावजूद इसके, नियम कायदों को ताक पर रख कर पहले 43 और पद से हटने के एक रोज पहले 10 लाख का भुगतान कर दिया गया। 32 लाख के तीसरे बिल को नए डायरेक्टर राकेश चतुर्वेदी ने रोक कर जांच के लिए सरकार को लिखा था। इसके बाद भी रिटायर होने से चंद दिनों पहले आनन-फानन में डीपीसी कराकर सिनहा को सिकरेट्री से प्रिंसिपल सिकरेट्री बना दिया गया। सिनहा वही आईएएस हैं, जिन्हें फुड पार्क घोटाले में दोषी पाए जाने पर उन्हें भारत सरकार ने प्रमोशन देने से रोक दिया था। रिटायरमेंट से 15-20 दिन पहले ही उनकी सजा की अवधि खतम हुई थी। लेकिन, तब तक वेबसाइट घोटाले की फाइल मूव हो गई थीं। मगर सामान्य प्रशासन विभाग ने इस फाइल को ही दबा दी।

अतिउत्साह

आईपीएस के कैडर रिव्यू में अतिउत्साह दिखाना पुलिस मुख्यालय को लगता है, भारी पड़ रहा है। आमतौर पर बाकी स्टेट भारत सरकार से 15 से 20 फीसदी पोस्ट वृद्धि की डिमांड करते हैं। लेकिन, अपना पीएचक्यू ने पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त करते हुए 60 परसेंट ज्यादा पोस्ट मांगा है। फिलहाल, छत्तीसगढ़ के लिए 103 आईपीएस का कैडर स्वीकृत है। पीएचक्यू ने 163 का प्रपोजल भेज डाला। ऐसे में, इसे भारत सरकार में जाकर डंप होना ही था। जरा गौर कीजिए। अप्रैल में पीएचक्यू ने कैडर रिव्यू के लिए भेजा था। अभी इसका कोई अता-पता नहीं है। जबकि, मध्यप्रदेश का कब का हो चुका है। हालांकि, मार्केट मेें तरह-तरह की बातें हो रही है। मसलन, डीएम अवस्थी को डीजी बनने से लटकाने के लिए जंबो प्रपोजल भेजा गया। ताकि, फाइल लटक जाए। लेकिन, इससे इतेफाक नहीं किया जा सकता। क्योंकि, जब तक एएन उपध्याय डीजीपी हैं, इस तरह की बातों की कोई गंुजाइश दिखती नहीं। लेकिन….., अतिउत्साह ही मानें, चूक तो हुई है।

हाईप्रोफाइल शादी

सात दिसंबर को पीसीसी चीफ भूपेश बघेल की बिटिया की शादी है। जाहिर है, वर-वधु को आर्शीवाद देने के लिए राजधानी में कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा लगेगा। निमंत्रण तो सोनिया और राहुल गांधी को भी दिए गए हैं। मोतीलाल वोरा, दिग्विजय, बीके हरिप्रसाद के साथ ही कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का आना तय है। राजधानी में शादी की जोर-शोर से तैयारी चल रही है। 20 हजार कार्ड छपवाए गए हैं। भूपेश खुद ही सब जगह जाकर कार्ड बांट रहे हैं। चाहे वो पार्टी का निचले स्तर का कार्यकर्ता ही क्यांें ना हो। वे एक-एक जिले में जा रहे हैं।

बर्थडे ब्वाय

प्रिंसिपल सिकरेट्री राजेंद्र प्रसाद मंडल का 19 नवंबर को जन्मदिन था। यार, दोस्त से लेकर उनके विभाग के सप्लायर, ठेकेदार उन्हें बुके देने के लिए सुबह से ढूंढते रहे। वे न घर पर थे औ ना ही मंत्रालय में मिले। डिप्टी सिकरेट्री ने व्हाट्सअप पर पुकार लगाई, सर! आप कहां हैं….आपका नम्बर भी नहीं लग रहा है। कोई जवाब नहीं मिला। रायपुर की पूर्व मेयर किरणमयी नायक ने कमेंट्स किया, बर्थड ब्वाय गायब है। मंडल का शाम को लोकेशन मिला। वे पटना में थे। नीतिश के शपथग्रहण को आप इससे मत जोडि़एगा। मंडल बिहार से हैं और पटना में उनके कई रिलेटिव रहते हैं।

अंत में दो सवाल आपसे

1. बिरगांव में पार्टी उम्मीदवार को जीताने के लिए बीजेपी के किस विधायक ने जान लगा दी थी और क्यों?
2. एक बड़े सरकारी बोर्ड का नाम बताइये, जो कुप्रबंधन के चलते सफेद हाथी बनने की स्थिति मंे आ गया है?

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